सिगरेट पीने या धूम्रपान  के नुक्सान – Cigarette Pine Ke Nuksan in Hindi

सिगरेट पीने या धूम्रपान के नुक्सान – Cigarette Pine Ke Nuksan in Hindi

सिगारेट या धूम्रपान हृदय, फेफड़े, यौन कार्य, प्रजनन क्षमता, रक्त परिसंचरण और पाचन को बुरी तरह प्रभावित करता है।

यह तो हम सभी जानते है कि सिगरेट पीना हानिकारक और व्यसनकारी है. परन्तु बहुत कम लोग सिगरेट की लत के जोख़िम के बारे में जानते हैं. धूम्रपान शरीर को कई अपरिवर्तनीय क्षति पहुंचाता है और मनुष्य का जीवन 25 वर्ष तक कम कर सकता है. (English Article How Smoking is Injurious to Health ?)

धूम्रपान ह्रदय रोगों का सबसे बड़ा कारण है

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धूम्रपान ह्रदय रोगों का सबसे बड़ा कारण है. यह धमनियों की आंतरिक दीवारों में वसा जमा होने (atheroscrosis) को बढ़ावा देता है. यह रक्तचाप और ह्रदय की दर को बढ़ाता है. ना केवल इतना ही, बल्कि यह रक्त में थक्का बनने की प्रवृत्ति को भी बढ़ा देता है जिससे किसी व्यक्ति की व्यायाम करने की क्षमता कम हो जाती है. (व्यायाम ह्रदय को सदैव स्वस्थ्य रखता है)

सिगरेट पीने से फेफड़ो क्षतिग्रस्त हो जाते है

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धूम्रपान वायुमार्ग के ऊपरी भाग में स्थित सुक्ष्म बालों (रोयों) को नष्ट कर देता है. सामान्य मनुष्य में यह बाल फेफड़ो की कीटाणु, धूल और अन्य हानीकारक कणों से रक्षा करते हैं. जब यह प्राकृतिक शोधन तंत्र क्षतिग्रस्त हो जाता है तो धूल, कीटाणु और अन्य हानिप्रद रसायन फेफड़ो में प्रवेश कर जाते हैं और संक्रमण, कफ़ और फेफड़ो के केंसर का कारण बनते हैं. धूम्रपान से फेफड़ो के वायु कोष स्थायी तौर पर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं जिससे श्वांस लेने में कठिनाई होती है.

सिगारेट पाचन तंत्र के रोगों का कारण बनता है

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धूम्रपान ह्रदय के दाह, गाल ब्लेडर की पथरी और क्रोहन डिसीज़ के जोखिम को बढ़ा देता है साथ ही पेप्टिक अल्सर के ठीक होने की संभावना को कम कर देता है. यह यकृत पर प्रभाव डालता है और पेट के केंसर की सम्भावना को बढ़ा देता है.

धूम्रपान से पैरो में तेज़ दर्द होता है

धूम्रपान पैरो की रक्त नलिकाओं पर प्रभाव डालता है जिसके कारण पैरो में तेज़ दर्द होता है. यह आगे चलकर पंजो अथवा पैरो के गेंगरिन का कारण भी हो सकता है.

नेत्र विकृति और दृष्टि में कमी

आँखों की नाजुक एवं संवेदनशील रक्त नलिकाएं धूम्रपान के कारण आसानी से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं. इसके कारण आँखों में रक्त के बिंदु दिखाई देने लगते है और खुजली हो सकती हैं. बहुत अधिक धूम्रपान करने वालों में इसके कारण नेत्र विकृति और दृष्टि में कमी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं. धूम्रपान करने वालो में मोतियाबिंद का जोखिम अधिक होता है.

त्वचा में झुर्रियां जल्दी नजर आने लगती हैं.

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धूम्रपान के कारण त्वचा में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिसके कारण त्वचा अपनी संरचना खो देती है. एक औसत धूम्रपान करने वाला व्यक्ति अपनी आयु के धूम्रपान ना करने वाले व्यक्ति से 5 साल बड़ा दिखाई देने लगता है. त्वचा अपनी स्वस्थ चमक खो देती है और धूसर पीले रंग की हो जाती है. जितनी अधिक सिगरेट पी जाएगी, त्वचा उतनी ही खराब दिखाई देगी. जैसे-जैसे धूम्रपान त्वचा के उत्तकों पर प्रभाव डालता है,  झुर्रियां जल्दी नजर आने लगती हैं.

ओस्टियोपोरेसिस

हड्डियाँ : यह ओस्टियोपोरेसिस की प्रक्रिया को तेज़ कर देता है.

केंसर

केंसर : धूम्रपान के कारण फेंफड़ो, कंठ नली,  मुखगुहा, ग्रसनी, भोजन नलिका और ब्लेडर का केंसर होता है. तम्बाकू में 60 से भी ज्यादा ऐसे तत्व होते हैं, जो केंसर का कारण होते हैं. फेफड़ो के केंसर के कारण होने वाली 87% मृत्यु का कारण धूम्रपान है.

धूम्रपान महिला और पुरुष दोनों की ही उर्वरकता को कम करता है.

महिलाओं के एस्ट्रोजन हार्मोन को असंतुलित करता है

धूम्रपान महिलाओं के एस्ट्रोजन हार्मोन को असंतुलित करता है. यह योनि की शुष्कता को बढ़ाता है और जननांगो में रक्त संचार कम कर देता है. ऐसी महिलाएं जो धूम्रपान करती हैं उनमें फेलोपियन ट्यूब की बीमारियाँ अधिक देखी जाती हैं, साथ ही इससे उनके अंडाणु बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है. पि सी ओ एस (PCOS or PCOD) भी हो सक्ता है . धूम्रपान के कारण गर्भपात भी हो सकता है. यह वृद्ध होने की प्रक्रिया को तेज़ कर देता है और इसके कारण रजोनिवृत्ति भी कम आयु  में हो जाती हैं.

यदि गर्भावस्था के दौरान कोई माँ धूम्रपान करती है तो इससे उसके बच्चे की वृद्धि कम हो जाती है. यह बच्चे के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करता है और उसका IQ कम कर देता है. यह तब भी होता है जब माँ अपरोक्ष रूप से धूम्रपान करती है. इसके कारण गर्भपात, समय से पूर्व बच्चे का जन्म और भ्रूण मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है.

सिगारेट पीने से स्तंभन दोष हो सकता है

धूम्रपान एरेक्शन (लिंग में तनाव) को कम कर देता है जो कि एरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष ) का कारण हो सकता है. यह शुक्राणु की संख्या और शुक्राणु की गतिशीलता को कम कर देता है. परन्तु यह धूम्रपान रोकने के बाद ठीक हो सकता है. इसलिए धूम्रपान बंद कीजिये. आपके और आपके प्रिय व्यक्तियों के लिए धूम्रपान छोड़ने के कई तत्कालिक और दूरगामी लाभ हैं.

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